हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा हो सकती है। - वी. कृष्णस्वामी अय्यर

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उलाहना  (कथा-कहानी)    Print  
Author:सआदत हसन मंटो | Saadat Hasan Manto
 

"देखो यार। तुम ने ब्लैक मार्केट के दाम भी लिए और ऐसा रद्दी पेट्रोल दिया कि एक दुकान भी न जली।"

--मंटो

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