राष्ट्रभाषा के बिना आजादी बेकार है। - अवनींद्रकुमार विद्यालंकार

Find Us On:

English Hindi
Loading
हिन्दी–दिवस नहीं, हिन्दी डे Click To download this content
 
 

हिन्दी दिवस पर
एक नेता जी
बतिया रहे थे,
'मेरी पब्लिक से
ये रिक्वेस्ट है
कि वे हिन्दी अपनाएं
इसे नेशनवाइड पापुलर लेंगुएज बनाएं
और
हिन्दी को नेशनल लेंगुएज बनाने की
अपनी डयूटी निभाएं।'

'थैंक्यू' करके नेताजी ने विराम लिया।

जनता ने क्लैपिंग लगाई
कुछ लेडिज -
'वेल डन! वेल डन!!' चिल्लाईं।

'सब अँग्रेज़ी बोल रहे है..'
'हिन्दी-दिवस?'...मैं बुदबुदाया।

'हिन्दी दिवस नहीं, बे! हिन्दी डे!'
साथ वाले ने मुझ अल्पज्ञानी को समझाया।

-रोहित कुमार 'हैप्पी'

#



 
 
 
 
Post Comment
 
Name:
Email:
Content:
Type a word in English and press SPACE to transliterate.
Press CTRL+G to switch between English and the Hindi language.
 
 

सब्स्क्रिप्शन

सर्वेक्षण

भारत-दर्शन का नया रूप-रंग आपको कैसा लगा?

अच्छा लगा
अच्छा नही लगा
पता नहीं
आप किस देश से हैं?

यहाँ क्लिक करके परिणाम देखें

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश