समाज और राष्ट्र की भावनाओं को परिमार्जित करने वाला साहित्य ही सच्चा साहित्य है। - जनार्दनप्रसाद झा 'द्विज'।

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स्वामी विवेकान्द जयंती | 12 जनवरी
   
 

12 जनवरी को 'स्वामी विवेकानंद' की जयंती है।

'उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत।'

अर्थात्

'उठो, जागो, और ध्येय की प्राप्ति तक रूको मत।'

12 जनवरी को 'स्वामी विवेकानंद' की जयंती है। इस अवसर पर पढ़िए स्वामी विवेकानंद के प्रसंग, कविताएं, अमर-वचन, पवहारी बाबा की कथाएं व उनका ऐतिहासिक भाषण

 
 
Posted By Anand Raj Yadav   on  Thursday, 01-01-1970
Thank you
Posted By Nakul prajapti   on  Thursday, 01-01-1970
Marvelous
 
 

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