हिंदी का काम देश का काम है, समूचे राष्ट्र निर्माण का प्रश्न है। - बाबूराम सक्सेना

Find Us On:

English Hindi
Loading

शारदा मोंगा

न्यूज़ीलैंड निवासी शारदा मोंगा मूलत: भारत से हैं। हिंदी लेखन के अतिरिक्त सितार वादन व चित्रांकन करती हैं।

शिक्षा - आप राजस्थान विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर हैं।

rn

कई चित्रकला प्रदर्शनियों में आपके चित्रों का प्रदर्शन हुआ है। विभिन्न पत्रिकाओं में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं।

rn

 

rn

 

Author's Collection

Total Number Of Record :4
ग्रामवासिनी

भारत माता ग्रामवासिनी,
शस्य श्यामला सुखद सुहासिनी,

हिम-किरीट सुशोभित भाल है,
गंगा जमुना कंठ धार है,
सागर पवित्र पांव चूमता,
पा सुगंध समीर झूमता,
शीतल मलयज मधुर हासिनी ,
भारत माता ग्रामवासिनी।

जीवनदायी वायु प्राण है,
...

More...
भूमण्डलीय तापक्रम वृद्धि

प्रश्न चिन्ह? खतरा अत्यधिक,
जलप्रदूषण के खतरों से,
जीव जगत को बचावो,
पानी व्यर्थ न बहावो,
पानी है जीवनदाता,
पानी की हर बूँद बचाओ.

बुंदिया पानी की अनमोल,
जीव जगत,
जीवन की डोर,
पानी की हर बूँद खेत में,
...

More...
मैं तटनी तरल तरंगा, मीठे जल की निर्मल गंगा

मैं तटनी तरल तरंगा
मीठे जल की निर्मल गंगा

पर्वत की मैं बिटिया
नदी की निर्मल धारा

उद्गम स्थल की शिशुबाला,
सखी-धाराओं संग मिल

क्रीडा करती, खिलखिलाती,
गाती, इठलाती, इतराती,

बलखाती, तीव्र गति से
मुड जाती,गिर गिर पड़ती,

...

More...
रात भर का वह गहरा अँधेरा

रात भर का वह गहरा अँधेरा,
गहन अवसाद था बहुतेरा,

रजनी चुपचाप अश्रु बहाती,
तुहिन कणों से धरा नहलाती,

अरुणिमा पूरब में छटी जब,
रात की गंभीरता घटी तब,

नवल अरुण की लालिमा ले,
गगन मुख मंडल मुस्काया,

...

More...

सब्स्क्रिप्शन

सर्वेक्षण

भारत-दर्शन का नया रूप-रंग आपको कैसा लगा?

अच्छा लगा
अच्छा नही लगा
पता नहीं
आप किस देश से हैं?

यहाँ क्लिक करके परिणाम देखें

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश