राष्ट्रभाषा के बिना आजादी बेकार है। - अवनींद्रकुमार विद्यालंकार

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बच्चों की कविताएं
यहाँ आप पाएँगे बच्चों के लिए लिखा बाल काव्य जिसमें छोटी बाल कविताएं, बाल गीत, बाल गान सम्मिलित हैं।

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दोहे - रहीम

रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय।
टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।।

रहिमन निज मन की बिथा, मन ही राखो गोय।
सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय।।

एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय।
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।।

चित्रकूट में रमि रहे, रहिमन अवध-नरेस।
जा पर बिपदा पड़त है, सो आवत यह देस।।

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रेल | बाल कविता - हरिवंशराय बच्चन

आओ हम सब खेलें खेल
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हम होंगे सबमें पास - अभिषेक कुमार अम्बर

हम होंगे सबमें पास
हम होंगे सबमें पास
हम होंगे सबमें पास
एक दिन
हो..हो..हो..

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हरी सब्जियॉं  - डॉ सुनील बहल

हरी सब्जियों के बड़े गुण,
दादा सदा रटते ये धुन।
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वचनामृत  - प्रो आनंदशंकर बापुभाई ध्रुवजी

तुम्हें चाहिए सदा बहन-भाई से मिलकर रहना;
सबसे मीठे बोल-बोलना, नहीं वचन कटु कहना ।
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