Hindi Poems for Children | बच्चों की कविताएं
यदि स्वदेशाभिमान सीखना है तो मछली से जो स्वदेश (पानी) के लिये तड़प तड़प कर जान दे देती है। - सुभाषचंद्र बसु।

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बच्चों की कविताएं
यहाँ आप पाएँगे बच्चों के लिए लिखा बाल काव्य जिसमें छोटी बाल कविताएं, बाल गीत, बाल गान सम्मिलित हैं।

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काश हम जंगल में रहते - रवि रंजन गोस्वामी

काश कि हम जंगल में रहते
पेड़ों पर झटपट चढ़ जाते
आम पेड़ से तोड़ के खाते
बाघ और भालू दोस्त बनाते
बंदर से भी यारी होती
ये यारी भी प्यारी होती
तोता मैना ,बगुला मोर
हम सब खूब मचाते शोर 
...

फूलों का गीत  - निरंकार देव

 
...

सरल पुकार - प्रशांत अग्रवाल

ऐ मालिक हम तेरे बच्चे
रहें हमेशा दिल के सच्चे
पूरे मन से पढ़ें लिखें हम
अच्छाई के साथ रहें हम
समय करें न हम बेकार
मेहनत से हो हमको प्यार
आपस में न करें लड़ाई
औरों की भी करें भलाई
नहीं किसी को दुःख पहुंचायें
खुशियाँ ही खुशियाँ बरसायें
हर ऊँचाई को हम छू लें
लेकिन तुमको कभी न भूलें।।
...

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