रोहित कुमार 'हैप्पी' की ग़ज़लें
इल्ज़ाम जमाने के हम तो हँस के सहेंगे तुमने शुरू किया तमाम तुम ही करोगे हम बदमिज़ाज ही सही दिल के बुरे नहीं बदनाम करके हमको बड़ा काम करोगे हर दाम पे ‘रोहित’ उन्हें तो नाम चाहिए 2 तेरा हँसना कमाल था साथी
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