एवरेस्ट विजेता सर एडमंड हिलेरी नहीं रहे
न्यूज़ीलैंड (ऑकलैंड) 11 जनवरी 2008: विश्व की सर्वाधिक ऊंची चोटी एवरेस्ट को पहली बार फतेह करने वाले न्यूज़ीलैंड के सर एडमंड हिलेरी का ऑकलैंड अस्पताल में आज सुबह 9 बजे दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे।
न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री हेलेन क्लार्क ने कहा है कि सर एड न्यूज़ीलैंड के सबसे प्रसिद्ध व्यक्तित्व, बेहतरीन पर्वतारोही और मानवविद थे।
हिलेरी ने 1953 में एवरेस्ट पर विजय पाकर एक नया इतिहास रचा था। वे पिछले कुछ समय से बीमार थे। न्यूज़ीलैंड के सर्वाधिक लोकप्रिय सर हिलेरी का छायाचित्र न्यूज़ीलैंड के 5 डॉलर के नोट पर भी अंकित किया जाता है।
हिलेरी यू तो देश के महानायक थे किंतु वे हमेशा स्वयं को एक साधारण नागरिक मात्र मानते रहे हैं। उनकी इसी सादगी ने उन्हें विश्व का चहेता बना दिया। अपने जीवन को नेपाली शेरपाओं को समर्पित करने वाले हिलेरी ने नेपाल में 63 विद्यालयों के अतिरिक्त अनेक अस्पतालों, पुलों व हवाई पट्टी का भी निर्माण किया। उनकी हिमालय ट्रस्ट ने नेपाल के लिए प्रति वर्ष ढाई लाख अमरीकन डॉलर जुटाए और हिलेरी ने निजी तौर पर नेपाल अभियान में मदद दी।
सर एंडमंड हिलेरी और नेपाल के पर्वतारोही शेरपा तेनजिंग नॉर्गे ने 29 मई 1953 में मांउट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की थी। न्यूज़ीलैंड ही नहीं अपितु विश्व भर में सर हिलेरी के निधन पर शौक छाया हुआ है।
न्यूज़ीलैंड ने सर हिलेरी की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ करने की घोषणा की है।

