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न्यूज़ीलैंड से आस्ट्रेलिया जाने वाले 39 भारतीय यात्री लापता

 

जुलाई, 16, 2008 (न्यूज़ीलैंड): पोप के सिडनी आगमन व सिडनी में कैथलिक विश्व युवा दिवस में हिस्सा लेने आये 220 भारतीय यात्रियों, जो सिडनी जाने से पहले ऑकलैंड में ठहरे हुए थे, में से 39 लापता हो गये हैं। सभी भारतीय यात्री पंजाब से संबंध रखते हैं। लापता हुए सभी नवयुवक 17-35 की आयु के हैं और उनकी मंशा विदेश में बसने की है।

 

पंजाब के एक एजेंट ने उन्हे आश्वासन दिया था कि वे न्यूजीलैंड में स्थाई तौर पर बस सकते हैं और इसके लिए इन लोगो का एजेंट से 34,000 डालर प्रति व्यक्ति की दर से सौदा हुआ था।  आरंभिक योजना यह थी कि ये लोग एजेंट को पहली बार 17,000 डालर देंगें और एक बार न्यूज़ीलैंड व आस्ट्रेलिया जाकर भारत लौट आयेंगे और बाकी की रकम (17,000 डालर) पुन देने पर एजेंट उन्हें दुबारा न्यूज़ीलैंड/ऑस्ट्रेलिया भेजेगा और इस बार वे स्थाई तौर पर बस जाएंगे।

 

नवयुवकों ने अपनी हवाई-यात्रा के दौरान विचार-विमर्श किया और यह निर्णय किया कि दुबारा आने की क्या आवश्यकता है, क्यों न पहली बार में ही यहां बस जाएं। दुबारा आने का भ्रमण-व्यय भी बच जाएगा और एजेंट को भी दुबारा पैसा देने की क्या आवश्यकता है!

 

लापता लोगों में से तीन ने अपनी योजना एक भारतीय टैक्सी ड्राइवर को बताई जो उन्हें ऑकलैंड से एक अन्य शहर तक छोड़ कर आया था।

 

न्यूज़ीलैंड कैथोलिक समुदाय, कैथोलिक विश्व युवा दिवस में शामिल होने जा रहे 4000 यात्रियों की ऑकलैंड में मेज़बानी कर रहा था। इन 4000 में से 220 भारतीय थे।  न्यूज़ीलैंड की कैथोलिक चर्च की प्रवक्ता ने यात्रियों के भगौड़े होने के समाचार को विस्मयकारी बताया है और कहा है कि चर्च के किसी भी सदस्य को इस बात की भनक तक नहीं मिली कि कैथोलिक विश्व युवा दिवस की आड़ में, इमिग्रेशन स्कैम जैसी साजिश होने जा रही है।

न्यूज़ीलैंड का आव्रजन (इमिग्रेशन) विभाग इस साजिश की जांच-पड़ताल में लग गया है और सीमा सुरक्षाबल भी इन लोगों को लेकर सतर्क हो गया है। यद्यपि लापता हुए यात्री इस समय न्यूज़ीलैंड में वैद्य रूप से उपस्थित हैं, क्योंकि उनके पास एक महीने का वीजा है तथापि उनका यह कदम कैथोलिक समुदाय के लिए अनैतिक है। उनका इस तरह से लापता होना उनकी भावी योजना को स्वत: मुखित करता है और उनकी मंशा निसंदेह उन्हें गैर-कानूनी रास्ते पर पहुंचा सकती है।

इस समूह के ऑस्ट्रेलिया रवाना हुए यात्रियों में से कुछ का ऑस्ट्रेलिया में लापता हो जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसी संभावना के अंतर्गत न्यूज़ीलैंड के आव्रजन (इमिग्रेशन) विभाग ने ऑस्ट्रेलियन विभाग को भारतीय यात्रियों के बारे में सतर्क कर दिया है।

 

न्यूज़ीलैंड में बसे अधिकतर भारतीयों ने धर्म की आड़ लेकर भगौड़े हुए इन छद्म यात्रियों की कड़ी निंदा की है। रेडियों और दूरदर्शन पर बार-बार प्रसारित  इस समाचार से यहां बसे भारतीयों की छवि धूमिल हुई है।

-रोहित कुमार हैप्पी