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होलिकांक मार्च -अप्रैल 2015
होली आई रे
घासीराम के पद
होली पौराणिक कथाएं
 
होलिकांक मार्च -अप्रैल 2015

The President, Shri Pranab Mukherjee conferring the Bharat Ratna on the former Prime Minister, Shri Atal Bihari Vajpayee, at his residence, in New Delhi on March 27, 2015.

देहली (27 मार्च 2015): भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को 27 मार्च, 2015 को नई दिल्ली में अटलजी के आवास पर "भारत रत्न" प्रदान किया। [विस्तृत समाचार पढ़िए ]


23 मार्च 'भगतसिंह, सुखदेव व राजगुरू' का बलिदानी-दिवस होता है। उन्हीं की समृति में यहां शहीदी-दिवस को समर्पित विशेष सामग्री प्रकाशित की गई है।

भारत-दर्शन का होलिकांक  आपको भेंट।

इस अंक में होली से संबंधित रचनाओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। भारत-दर्शन का सम्पूर्ण होली-विशेषांक पढ़ें।

होली भारत का प्रमुख त्योहार है। होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक प्रमुख  भारतीय त्योहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। होली जहाँ एक ओर सामाजिक एवं धार्मिक है, वहीं रंगों का भी त्योहार है।

आप सभी को होली की शुभ-कामनाएं।

होलिकांक में सम्मिलित हैं - 'होली की पौराणिक-कथाएं, मीरा के होली पद, मीरा के भजन, 'श्याम सखा मोरी रंग दे चुनरिया'  व 'होरी खेलत हैं गिरधारी',  'घासीराम के होली पद, सूरदास के पद, ॠतु फागुनी नियरानी हो (कबीर), रसखान के फाग सवैय्ये पढ़िए।


इस अंक की प्रमुख कहानियाँ हैं - प्रेमचंद की 'होली की छुट्टी',  यशपाल की 'होली का मज़ाक', 'फणीश्वरनाथ रेणु की 'रसप्रिया', अज्ञेय की 'मेजर चौधरी की वापसी', निर्मल वर्मा की 'धूप का एक टुकड़ा',व इनके अतिरिक्त क़ैस जौनपुरी की 'होली बाद नमाज़' व सपना मांगलिक की कहानी, 'जैसा राम वैसी सीता' पढ़िए।    

फणीश्वरनाथ रेणु की पहली कविता, 'साजन होली आई है', भारतेंदु की ग़ज़ल, 'गले मुझको लगा लो ए दिलदार होली में', निराला की कविता, 'खून की होली' व 'वसंत आया', , जयशंकर प्रसाद की कविता, 'होली की रात', गोपालसिंह नेपाली की कविता, 'बरस-बरस पर आती होली',  जैमिनी हरियाणवी की हास्य कविता, 'प्यार भरी बोली', आलेखों में - डा जगदीश गांधी का, 'आपसी प्रेम एवं एकता का प्रतीक है होली', अशोक भाटिया का आलेख 'होली आई रे', लोकगीतों में झलकती संस्कृति का प्रीतक : होली (आलेख), होली के विविध रंग (आलेख), सबकी 'होली' एक  दिन, अपनी 'होली' सब दिन (आलेख), रंगों के त्यौहार में तुमने (कविता), तुझ संग रंग लगाऊं कैसे (कविता), अरी भागो री भागो री गोरी भागो, कल कहाँ थे कन्हाई (गीत),  अजब हवा (गीत), आओ होली (कविता), होली के दोहे, रंगो के त्यौहार में तुमने (कविता), रंग की वो फुहार दे होली (कविता), आज की होली (काव्य), गिरीश पंकज की होली ग़ज़ल, 'मन में रहे उमंग तो समझो होली है', हास्य रस में 'काव्य मंच पर होली' भी पढ़ें ।

इस अंक में महादेवी वर्मा, फणीश्वरनाथ रेणु व अज्ञेय की रचनाएं भी प्रकाशित की गई हैं। तीनों का जन्म मार्च में हुआ था। महादेवी वर्मा का जन्म-दिवस 26 मार्च को होता है, वैसे वे होली के दिन ही पैदा हुई थीं। अन्य भारतीय उत्सवों की तरह होली के साथ भी विभिन्न पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं। यहाँ विभिन्न कथाओं को उद्धृत किया गया है। पढ़िए 'होली की पौराणिक कथाएं'।

मैथिलीशरण गुप्त की 'भारत-भारती' व 'रामावतार त्यागी की, 'मैं दिल्ली हूँ' भी पढ़ें।


हमारा प्रयास रहा है कि ऐसी सामग्री प्रकाशित की जाए जो इंटरनेट पर उपलब्ध नहीं है। आप पाएंगे की यहाँ प्रकाशित अधिकतर सामग्री केवल 'भारत-दर्शन' के प्रयास से इंटरनेट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रही है । इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए इस बार सुभद्राकुमारी चौहान की कहानी, 'होली' प्रकाशित की जा रही है। पिछले अंकों में हमने यशपाल की कहानी 'परदा' और जैनेन्द्र की कहानी, 'पाजेब' प्रकाशित की थी।

इस अंक में सम्मिलित हैं - कहानियाँ, कविताएँगीतदोहेग़ज़लेंआलेखव्यंग्यलघु-कथाएं व बाल-साहित्य


उपरोक्त सामग्री के अतिरिक्त  आप भारत-दर्शन के समग्र संचयन में भी कहानी, लघु-कथाएं, कविताएंबाल-साहित्य पढ़ सकते हैं जिनमें पत्रिका में प्रकाशित अभी तक प्रकाशित/अप्रकाशित सामग्री सम्मिलित है।


आशा है पाठकों का स्नेह मिलता रहेगा। आप भी भारत-दर्शन में प्रकाशनार्थ अपनी रचनाएं भेजें। हिंदी लेखकों व कवियों के चित्रों की श्रृँखला भी देखें। यदि आप के पास दुर्लभ चित्र उपलब्ध हों तो अवश्य प्रकाशनार्थ भेजें। इस अनूठे प्रयास में अपना सहयोग दें।



 
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प्रेमचन्द और हिंदी

प्रेमचन्द उर्दू का संस्कार लेकर हिन्दी में आए थे और हिन्दी के महान लेखक बने। हिन्दी को अपना खास मुहावरा और खुलापन दिया।....

 
 
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